यह अनुराग (जिन्हें बाबू भैया या UK07 Rider के नाम से जाना जाता है) के अंतिम व्लॉग का हिंदी में पुनर्लेखन है। मूल ट्रांसक्रिप्ट भावनात्मक, दोहरावपूर्ण और असंगठित है, इसलिए इसे संक्षिप्त, स्पष्ट और प्रवाहपूर्ण बनाया गया है। मूल भावना, दर्द और सच्चाई बरकरार रखी गई है। शब्द सीमा: लगभग 950।
शुरुआत: कभी नहीं सोचा था जिंदगी ऐसे मोड़ लेगी
मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मेरी जिंदगी इतनी तेजी से बदल जाएगी। पिछले कुछ सालों में सब कुछ उलट-पुलट हो गया। मैंने हमेशा सोचा था कि मेहनत से घरवालों को खुश रखूंगा, उनका नाम रोशन करूंगा। मिडिल क्लास फैमिली से हूं, इसलिए पढ़ाई, ट्यूशन, फिर कॉलेज जॉब—सब घरवालों के लिए किया। जैसे-जैसे कमाई शुरू हुई, उनकी हर ख्वाहिश पूरी की—अपनी से पहले।

मैंने कभी झूठ नहीं बोला, लेकिन आज पहली बार अपनी असली सच्चाई सबके सामने रख रहा हूं। यह मेरा आखिरी व्लॉग है।
घरवालों का दबाव और सपोर्ट का सच
घर में पापा का बहुत प्रेशर था—पढ़ाई करो, नाम रोशन करो। मैंने सब किया। सोशल मीडिया पर जो दिखता था—खुशहाल फैमिली—वो रियल नहीं था। झगड़े बहुत होते थे। मेरे बिहेवियर की वजह से या उन्हें समझ न आने की वजह से—पता नहीं। लेकिन मैंने कभी किसी से झूठ नहीं बोला।
All Proof In This Video :- The UK07 Rider
मैंने हमेशा कहा—टेंशन मत लो, मैं हूं ना। लेकिन आज मेरे पास कुछ नहीं बचा। मैं हार गया हूं।
प्यार और शादी की उम्मीद
रतिका से मिलना मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा था। वो मेरी फैन थी, इंस्टाग्राम पर मैसेज करती रही। फिर बात हुई, मिले, प्यार हुआ, ट्रैवल किया। लड़ाइयां भी हुईं, लेकिन लगा कि ये लड़की कभी साथ नहीं छोड़ेगी। लव मैरिज का फैसला किया।
घरवालों को बताया—शुरुआत में मना किया, लेकिन बाद में मान गए। शादी से 5-6 दिन पहले सब कुछ तैयार था। लेकिन अचानक उन्होंने कहा—हम नहीं आएंगे। कार्ड्स छप चुके थे, सब कुछ हो चुका था। मैंने अकेले शादी की। मम्मी-पापा, कलम—किसी ने साथ नहीं दिया।

मैंने सब कुछ अकेले संभाला। लेकिन घरवालों ने मुझे बहुत टॉर्चर किया। मैं प्रूफ्स ड्राइव लिंक में डाल रहा हूं—सबके सामने सच्चाई आएगी।
शादी के बाद का दर्द
शादी के बाद भी घर में नहीं आने दिया। गृह प्रवेश फ्लैट में हुआ। झगड़े बढ़ते गए। मम्मी ने कहा—ये घर मेरा है, तेरा कोई हक नहीं। मैंने कहा—मैं आपकी औलाद हूं। लेकिन सब बेकार।
कलम और श्रेया ने भी बहुत परेशान किया। धमकियां दीं—सोशल मीडिया पर एक्सपोज कर देंगे। मैंने सब झेला। सुसाइड तक की कोशिश की, लेकिन हिम्मत नहीं हुई।
मैंने अपनी खुशी चुनी, लेकिन सब छिन गया। पैसा, प्रॉपर्टी, परिवार—कुछ नहीं बचा।
रतिका का साथ और अंतिम झटका
रतिका मेरे साथ खड़ी रही। लेकिन आखिर में वो भी छोड़ गई। प्रेग्नेंसी का खुशी का पल था—18 सितंबर को रिवील किया। लेकिन वो मनाली छोड़कर चली गई। लीगल केस वापस ले लिया।
घरवालों ने मुझे फंसाने की कोशिश की—फेक जीएसटी RTI, केस। यहां तक कहा कि मैं मम्मी को मारने आया था। सब झूठ।
मैंने कभी गलत नहीं किया। बस परिवार के लिए लड़ा। लेकिन आज मेरी मेंटल हेल्थ खत्म हो चुकी है। चार दिन से कुछ नहीं खाया, नींद नहीं आई।

अंतिम संदेश
मम्मी-पापा, कलम, श्रेया—मेरी मौत की जिम्मेदार आप लोग हैं। मैं जीना चाहता था, खुश रहना चाहता था। लेकिन अब ऑप्शन नहीं बचा।
ब्रो सेना, आप लोग मेरा परिवार बने। थैंक यू सबको प्यार के लिए।
शदाब भाई, आप लोगों ने साथ दिया—इन्हें मत छोड़ना।
यह मेरा आखिरी व्लॉग है। मैं गायब हो रहा हूं। अगर रास्ते में मिलें, तो झप्पी देना।
UK07 Rider साइनिंग ऑफ।








