बांग्लादेश में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भारी बहुमत हासिल कर लिया है। यह देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद यह पहला बड़ा चुनाव था। बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान के नेतृत्व में पार्टी ने दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। अनौपचारिक गिनती के अनुसार, बीएनपी ने 300 सदस्यीय संसद (जातीय संसद) में 200 से अधिक सीटें हासिल की हैं, जबकि मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को काफी कम सीटें मिली हैं।
यह जीत बीएनपी के लिए लगभग 20 वर्षों बाद सत्ता में वापसी का प्रतीक है। 2006 के बाद से पार्टी सत्ता से बाहर थी, और अब तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं। तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे, 17 वर्षों तक लंदन में स्व-निर्वासन में रहे थे। दिसंबर 2025 में वे बांग्लादेश लौटे थे, और अब चुनावी जीत ने उनकी राजनीतिक वापसी को और मजबूत कर दिया है। उन्होंने अपने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों—ढाका-17 और बोगुरा-6—से शानदार जीत हासिल की।
चुनाव की पृष्ठभूमि और महत्व
2024 में जेन-जेड (युवा पीढ़ी) के नेतृत्व वाले बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों ने शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को उखाड़ फेंका था। उसके बाद अंतरिम सरकार के तहत यह चुनाव कराया गया, जो लोकतंत्र की बहाली का परीक्षण था। मतदान मुख्य रूप से शांतिपूर्ण रहा, और लाखों मतदाताओं ने हिस्सा लिया। बीएनपी की यह जीत जनता के बदलाव की इच्छा को दर्शाती है, जहां लोग राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार और समावेशी शासन की मांग कर रहे हैं।
बीएनपी ने जीत के बाद देशवासियों का धन्यवाद किया और राष्ट्र के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाओं का आह्वान किया। पार्टी ने कहा कि यह जनता का स्पष्ट जनादेश है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बधाई
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान और बीएनपी की इस निर्णायक जीत पर बधाई दी। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि वे तारिक रहमान को बीएनपी की जीत के लिए बधाई देते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मैं लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश का समर्थन करने के लिए भारत के साथ खड़ा रहूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि वे दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं।
यह बधाई भारत-बांग्लादेश संबंधों की मजबूती को दर्शाती है। दोनों देश पड़ोसी हैं, और साझा सीमा, व्यापार, सुरक्षा तथा सांस्कृतिक संबंधों के कारण घनिष्ठ सहयोग जरूरी है। मोदी सरकार ने हमेशा पड़ोसी देशों में लोकतंत्र और स्थिरता का समर्थन किया है, और यह बधाई उसी नीति का हिस्सा है। बीएनपी ने भी भारत और पीएम मोदी के इस संदेश का स्वागत किया, तथा उम्मीद जताई कि नए सरकार के तहत द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।
भविष्य की उम्मीदें और चुनौतियां
बीएनपी की सरकार बनने से बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता की बहाली की उम्मीद है। देश आर्थिक चुनौतियों, बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे के विकास से जूझ रहा है। तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार को इन मुद्दों पर तेजी से काम करना होगा। साथ ही, पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को संतुलित रखना महत्वपूर्ण होगा।
यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। युवाओं की भागीदारी और जनता की आवाज ने सत्ता परिवर्तन को संभव बनाया। उम्मीद है कि नई सरकार समावेशी विकास, कानून का शासन और सभी समुदायों के हितों की रक्षा करेगी।
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(नोट: छवियां चुनावी उत्सव, तारिक रहमान की तस्वीर और मोदी की बधाई से संबंधित हैं।)









